राजस्थान में जलदाय कर्मचारियों जो ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे हैं उनके बारे में सरकार कब सोचेगी क्योंकि उनमें पढ़े लिखे लोग भी हैं सरकार एक तरफ से पढ़ाई-लिखाई पर जोर डालती है और दूसरी तरफ पढ़ लिखने के बाद भी उनको रोजगार नहीं मिलता है और अगर रोजगार मिल जाता है तो उनका शोषण होता है उनको ठेका प्रथा के अधीन किया जाता है जिस से वह ना घर के ना घाट के रहते हैं मेरा यही मानना है की जलदाय विभाग में पिछले 30 साल से कोई भर्ती नहीं है और इस विभाग को ठेका कर्मी चला रहे हैं चाहे उनका परिवार चला या ना चला लेकिन उन्होंने कभी भी जनता को परेशान नहीं किया और अपना काम करते रहे मेरे सरकार से प्रार्थना है की राजस्थान में जलदाय विभाग में कार्यरत सभी ठेका कर्मियों को सरकार के अधीन लाया जाए या उनको सुविधा कर्मी बनाया जाए या उनका वेतनमान 18000 से 24000 किया जाए
राजस्थान में जलदाय कर्मचारियों जो ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे हैं उनके बारे में सरकार कब सोचेगी क्योंकि उनमें पढ़े लिखे लोग भी हैं सरकार एक तरफ से पढ़ाई-लिखाई पर जोर डालती है और दूसरी तरफ पढ़ लिखने के बाद भी उनको रोजगार नहीं मिलता है और अगर रोजगार मिल जाता है तो उनका शोषण होता है उनको ठेका प्रथा के अधीन किया जाता है जिस से वह ना घर के ना घाट के रहते हैं मेरा यही मानना है की जलदाय विभाग में पिछले 30 साल से कोई भर्ती नहीं है और इस विभाग को ठेका कर्मी चला रहे हैं चाहे उनका परिवार चला या ना चला लेकिन उन्होंने कभी भी जनता को परेशान नहीं किया और अपना काम करते रहे मेरे सरकार से प्रार्थना है की राजस्थान में जलदाय विभाग में कार्यरत सभी ठेका कर्मियों को सरकार के अधीन लाया जाए या उनको सुविधा कर्मी बनाया जाए या उनका वेतनमान 18000 से 24000 किया जाए
राजस्थान में जलदाय कर्मचारियों जो ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे हैं उनके बारे में सरकार कब सोचेगी क्योंकि उनमें पढ़े लिखे लोग भी हैं सरकार एक तरफ से पढ़ाई-लिखाई पर जोर डालती है और दूसरी तरफ पढ़ लिखने के बाद भी उनको रोजगार नहीं मिलता है और अगर रोजगार मिल जाता है तो उनका शोषण होता है उनको ठेका प्रथा के अधीन किया जाता है जिस से वह ना घर के ना घाट के रहते हैं मेरा यही मानना है की जलदाय विभाग में पिछले 30 साल से कोई भर्ती नहीं है और इस विभाग को ठेका कर्मी चला रहे हैं चाहे उनका परिवार चला या ना चला लेकिन उन्होंने कभी भी जनता को परेशान नहीं किया और अपना काम करते रहे मेरे सरकार से प्रार्थना है की राजस्थान में जलदाय विभाग में कार्यरत सभी ठेका कर्मियों को सरकार के अधीन लाया जाए या उनको सुविधा कर्मी बनाया जाए या उनका वेतनमान 18000 से 24000 किया जाए
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