Tuesday, 11 February 2020

संघ के वरिष्ठतम प्रचारक आ.धनप्रकाशजी त्यागी 102 वर्ष की आयु पूर्ण कर अपनी जीवनलीला समेटकर परमत्व में विलीन

                 
                
                 संघ के वरिष्ठतम प्रचारक आ.धनप्रकाशजी त्यागी जिन्होने 10जनवरी को ही 102 वर्ष की आयु पूर्ण की, 24 जनवरी 2020 को सांयकाल 4 बजे अपनी जीवनलीला समेटकर परमत्व में विलीन हो गये।

                                                   *श्री धनप्रकाशजी त्यागी का जीवन परिचय*

                 श्री धनप्रकाश जी त्यागी का जन्म 10 जनवरी 1918 को उत्तरप्रदेश के मुजफ्फर नगर जिला स्थित मएहपुरा गांव में हुआ। उनके पिता पं सालिगराम त्यागी बडे दयालू, ईमानदार तथा हिन्दू धर्म में प्रबल आस्था रखने वाले व्यक्ति थे।

                 पिता के व्यक्तित्व का प्रभाव धनप्रकाश जी पर गहरा पडा। धनप्रकाश जी ने उस जमाने में विज्ञान संकाय से उच्च माध्यमिक तक शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली में केन्द्रीय सरकार में क्लर्क की नौकरी की।

                 उसी दौरान वे संघ के स्वयंसेवक बने। उन्होंने 1942 में दिल्ली से संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग, 1943 में प्रथम वर्ष, 1944 में द्वितीय वर्ष तथा 47 में संघ शिक्षा वर्ग -तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण लिया।

                 केन्द्रीय सरकार में क्लर्क की नौकरी करने के बाद भी उनकी इच्छा भारत माता की सेवा में अनवरत लगे रहने की थी। इसी इच्छा के चलते उन्होंने क्लर्क की नौकरी छोड दी और अपना पूरा जीवन मां भारती के चरणों में समर्पित कर दिया।

                 धनप्रकाश जी त्यागी 1943 में दिल्ली के संघ विस्तारक बने। सहारनपुर नगर और अलीगढ नगर प्रचारक के रूप में संघ कार्य किया। अम्बाला, हिसार, गुरूग्राम, शिमला एवं होशियारपुर के जिला प्रचारक का दायित्व भी निभाया।

                 संघ पर लगे प्रथम प्रतिबन्ध के समय जेल में भी रहे। 1962 से 65 तक जम्मू विभाग प्रचारक रहे। इसके बाद संघ कार्य विस्तार के लिए जयपुर भेजा गया और 1965 से 1971 तक जयपुर विभाग प्रचारक के रूप में दायित्व का निर्वाह किया।

                 1971 से 1986 तक भारतीय मजदूर संघ में विभिन्न दायित्वों पर रहे। 2000 से 2005 तक सेवा भारती जागरण पत्रक के प्रकाशन का कार्यभार संभाला। घनप्रकाश जी त्यागी जीवन के अंतिम क्षण तकअपने स्वयं के कार्य अपने आप करते थे,तथा अपना अधिकाशं समय स्वाध्याय व लेखन में व्यतीत करते थे।

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