जयपुर, 9 नवम्बर. भारतीय मजदूर संघ 10 नवम्बर (रविवार) से अपने संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेगड़ी जी का जन्म शताब्दी वर्ष मना रहा है। 10 नवम्बर 2019 से 10 नवम्बर 2020 तक वर्ष पर्यन्त कार्यक्रम होंगे। जयपुर में पुष्पांजलि कार्यक्रम भारतीय मजदूर संघ कार्यालय पटेल काॅलोनी, जयपुर वि़द्युत प्रसारण निगम सिविल लाइन, राजस्थान परिवहन निगम केन्दीय बस स्टेण्ड, सिन्धी कैम्प, डीलक्स आगार, वैशाली नगर आगार, विद्याधर नगर आगार, बैंकों का ओझा जी का बाग गांधी नगर, ग्रामीण बैंकों का सरदार पटेल मार्ग सी स्कीम, थड़ी ठेला मजदूर संघ का हवामहल चैपाटी इत्यादि पर प्रातः 11 बजे होगा। इसी प्रकार के कार्यक्रम राज्यभर में सभी जिला केन्द्रों पर होंगे।
इसी दिन नागपुर में मुख्य समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक माननीय श्री मोहन भागवत करेंगे, जिसका सीधा प्रसारण सायंकाल 4 बजे से होगा। जन्मशती वर्ष के दौरान सभी यूनियनों/इकाईयों पर पुष्पांजली कार्यक्रम होगें। भारतीय मजदूर संघ इस वर्ष में अपने कार्य विस्तार के साथ-साथ ठेगड़ी जी के जीवन दर्शन को आमजन तक पहुचाने के लिए समय समय पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित करेगा।
ठेगड़ी जी का जन्म विदर्भ प्रान्त के आर्वी नगर में 10 नवम्बर 1920 को दीपावली के शुभ दिन हुआ था। मार्च 1942 में दत्तोपंत जी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बने तथा उन्हे केरल प्रान्त मे संघ का कार्य खड़ा करने के लिए भेजा गय। वर्ष 1942-44 तक केरल, इसके बाद 1948 तक बंगाल में प्रचारक रहे।
ठेगड़ी जी ने वर्ष 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना की। 23 जुलाई 1955 को भारतीय मजदूर संघ की स्थापना भी ठेगड़ी जी ने ही की थी। दत्तोपंत जी ने भारतीय विचार दर्शन पर आधरित किसानों के क्षेत्र में भारतीय किसान संघ की 4 मार्च 1979 तथा वैचारिक क्षेत्र में स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना 22 नवम्बर 1991 को की। दत्तोपंत जी वर्ष 1964 से 1976 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। ठेगड़ी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। मराठी, हिन्दी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़ तथा अंग्रेेजी भाषा पर उनकी गहरी पकड़ थी। वर्ष 2003 में भारत सरकार ने दत्तोपंत जी को पद्म भूषण से अलंकृत करने की सूचना दी, किन्तु ठेगड़ी जी ने तत्कालीन राष्ट्रपति डा0 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को पत्र लिख कर पद्म भूषण स्वीकार करने में विनम्रतापूर्वक असमर्थता जताई तथा निवेदन किया कि जब तक पू. डा. हेगडेवार और पू. गुरुजी को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया जाता तब तक मेरे लिए पद्म भूषण अलंकरण स्वीकार करना उपयुक्त नहीं होगा।
महापरिवर्तन के पुरोधा, वामपंथी व पूजीवादी विचारधारा के विरुद्ध आर्थिक संग्राम के योद्धा दत्तोपंत ठेगड़ी अपनी 84 वर्षीय जीवनयात्रा को 14 अक्टूबर 2004 को पूर्ण कर परलोक प्रस्थान कर गये।
इसी दिन नागपुर में मुख्य समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक माननीय श्री मोहन भागवत करेंगे, जिसका सीधा प्रसारण सायंकाल 4 बजे से होगा। जन्मशती वर्ष के दौरान सभी यूनियनों/इकाईयों पर पुष्पांजली कार्यक्रम होगें। भारतीय मजदूर संघ इस वर्ष में अपने कार्य विस्तार के साथ-साथ ठेगड़ी जी के जीवन दर्शन को आमजन तक पहुचाने के लिए समय समय पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित करेगा।
ठेगड़ी जी का जन्म विदर्भ प्रान्त के आर्वी नगर में 10 नवम्बर 1920 को दीपावली के शुभ दिन हुआ था। मार्च 1942 में दत्तोपंत जी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बने तथा उन्हे केरल प्रान्त मे संघ का कार्य खड़ा करने के लिए भेजा गय। वर्ष 1942-44 तक केरल, इसके बाद 1948 तक बंगाल में प्रचारक रहे।
ठेगड़ी जी ने वर्ष 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना की। 23 जुलाई 1955 को भारतीय मजदूर संघ की स्थापना भी ठेगड़ी जी ने ही की थी। दत्तोपंत जी ने भारतीय विचार दर्शन पर आधरित किसानों के क्षेत्र में भारतीय किसान संघ की 4 मार्च 1979 तथा वैचारिक क्षेत्र में स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना 22 नवम्बर 1991 को की। दत्तोपंत जी वर्ष 1964 से 1976 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। ठेगड़ी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। मराठी, हिन्दी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़ तथा अंग्रेेजी भाषा पर उनकी गहरी पकड़ थी। वर्ष 2003 में भारत सरकार ने दत्तोपंत जी को पद्म भूषण से अलंकृत करने की सूचना दी, किन्तु ठेगड़ी जी ने तत्कालीन राष्ट्रपति डा0 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को पत्र लिख कर पद्म भूषण स्वीकार करने में विनम्रतापूर्वक असमर्थता जताई तथा निवेदन किया कि जब तक पू. डा. हेगडेवार और पू. गुरुजी को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया जाता तब तक मेरे लिए पद्म भूषण अलंकरण स्वीकार करना उपयुक्त नहीं होगा।
महापरिवर्तन के पुरोधा, वामपंथी व पूजीवादी विचारधारा के विरुद्ध आर्थिक संग्राम के योद्धा दत्तोपंत ठेगड़ी अपनी 84 वर्षीय जीवनयात्रा को 14 अक्टूबर 2004 को पूर्ण कर परलोक प्रस्थान कर गये।

0 comments:
Post a Comment
hello